नई दिल्ली: अपने देश में कोरोना वायरस से संक्रमित तीन हजार से ज्यादा सकारात्मक मामले सामने आ गए है। वैश्विक महामारी के चलते सरकार ने देश में 14 अप्रैल तक के लॉकडाउन की घोषणा की है। अन्य सेक्टरों की तरह ही शिक्षा क्षेत्र भी प्रभावित है। हालांकि घर पर बैठे छात्र-छात्रों के लिए संस्थान नए-नए प्लेटफॉर्म का संचालन कर रही है। पिछले दिनों केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई और एमएचआरडी ने कुछ बड़े फैसले लिए है। और जुड़े स्कूलों के प्रिंसिपलों के लिए कुछ दिशा-निर्देश प्रदान किए हैं। इनके बारे में पढ़ते हैं आगे...
अभी हाल ही में सीबीएसई ने एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के जरिए छात्र-छात्रों को एक मोबाइल एप के बारे में है। इस एप का नाम आरोग्य सेतु है। सीबीएसई ने नोटिस भेजकर सभी से अपील की है कि इस मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करें और इसका प्रयोग करें।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि एंड्रायड और एप्पल स्टोर दोनों के लिए एय एप उपलब्ध है।
कोरोना के खतरे करेगा आगाह, एप को केंद्र सरकार की ओर से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (ट्रिपलपी) के तहत तैयार किया गया है।
कोरोनावायरस (कोविड-19) से लड़ने के लिए आरोग्य सेतु एप बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि यह एप लोगों को यह बताने में मदद करेगा कि उन्हें कोरोनावायरस से संक्रमण का कितना खतरा है। कोरोना से संक्रमण का खतरा होने पर यह एप आगाह कर देगा।
सीबीएसई ने सभी प्रधानाचार्यों को अलग से नोटिस भेजकर अपील की गई है कि वे अपने शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों तथा दूसरे स्टॉफ को इस एप के बारे में बताएं। सीबीएसई की ओर से इसके साथ सभी छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं स्टॉफ के अन्य सदस्यों से अपील की गई है कि वह रविवार रात नौ बजे नौ मिनट तक अपने घर के दरवाजे के बाहर अथवा बालकनी में खड़े होकर दीया, कैंडल, टार्च आदि जलाएं।
MHRD द्वारा प्रदान किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म:
एनसीईआरटी कैलेंडर के अलावा, इस समय के दौरान, पाठ्यक्रम से जुड़े और क्यूरेट की गई सामग्री प्रदान करने पर केंद्रित व्यापक डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्मों की मदद से शिक्षण और सीखना भी जारी रह सकता है।